काशी। वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया की पहल ' पुलिस सतर्क मित्र ' चैटबॉट सेवा अपराधियों के लिए काल साबित हो रही है। बिना अपनी प...
काशी। वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया की पहल 'पुलिस सतर्क मित्र' चैटबॉट सेवा अपराधियों के लिए काल साबित हो रही है। बिना अपनी पहचान उजागर किए पुलिस तक सूचना पहुँचाने की इस सुविधा से अवैध गतिविधियों और अनैतिक कार्यों पर प्रभावी लगाम लगी है। पिछले चार महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस सेवा के माध्यम से पुलिस ने न केवल त्वरित कार्रवाई की है, बल्कि कई शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भी पहुँचाया है।
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| Purvanchal Samachar |
जोन के तीन मंडलों का रिपोर्ट कार्ड
23 जनवरी से 24 मई तक के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी जोन के तीन मंडलों में कुल 1405 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 1078 मामलों में पुलिस ने ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की है। जांच के दौरान 242 शिकायतें फर्जी पाई गईं, जबकि 85 मामलों में फिलहाल जांच प्रक्रिया चल रही है।
जौनपुर और आजमगढ़ शिकायतों में सबसे आगे
क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, जौनपुर में सबसे अधिक 264 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 205 का निस्तारण कर दिया गया है। वहीं, आजमगढ़ में 317 शिकायतों में से 295 को सुलझाया गया। गाजीपुर में भी पुलिस सक्रिय रही, जहाँ 229 शिकायतों में से 162 पर कार्रवाई की गई। सबसे कम सक्रियता सोनभद्र (46 शिकायतें) में देखी गई।
गोपनीयता का 'कवच' बना पुलिस का हथियार
एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने बताया कि इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता पूर्ण गोपनीयता है। सूचना देने वाले नागरिक का मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत जानकारी पुलिस के पास भी प्रदर्शित नहीं होती। लोग व्हाट्सएप नंबर 7839860411 पर 'Hello' लिखकर फोटो, वीडियो या ऑडियो के जरिए सबूत भेज सकते हैं। इससे आम जनता बिना किसी डर के पुलिस की 'आंख और कान' बन रही है।
विभिन्न जिलों में शिकायतों की स्थिति:
- बलिया: 136 शिकायतें, 115 का निस्तारण।
- चंदौली: 124 शिकायतें, 88 सुलझाए गए।
- मिर्जापुर: 104 शिकायतें, 60 मामलों में कार्रवाई।
- भदोही: 76 शिकायतें, 45 का समाधान।
