बलिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा संचालित किए जा रहे 'विश्व योग सप्ताह' के तीसरे दिन भी नगरा विकासखं...
बलिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा संचालित किए जा रहे 'विश्व योग सप्ताह' के तीसरे दिन भी नगरा विकासखंड के देवरिया गांव में योग को लेकर भारी उत्साह देखा गया। गांव स्थित बाबा शिवदत्त बहुउद्देशीय हाल में आयोजित इस विशेष शिविर में ग्रामीण महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए मुख्य योगाचार्य अशोक कुमार मौर्य के कुशल निर्देशन में लगातार तीसरे दिन भी योग सत्र का सफल संचालन किया गया।
सत्र की शुरुआत योगाचार्य अशोक कुमार मौर्य ने वैदिक प्रार्थना के साथ कराई, जिसके बाद उपस्थित प्रतिभागियों को शरीर को ऊर्जावान बनाने वाले विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान (मेडिटेशन) का गहन अभ्यास कराया गया। योगाचार्य ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की वैज्ञानिक व्याख्या करते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक पहलू को सामने रखते हुए बताया कि आज के तनावपूर्ण दौर में अधिकांश परिवारों की मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा केवल दवाइयों और अस्पतालों के चक्कर काटने (उपचार) में व्यय हो रहा है, जिससे घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ जाता है। यदि प्रत्येक नागरिक प्रतिदिन सुबह मात्र 30 से 45 मिनट का समय योग के लिए समर्पित करना शुरू कर दे, तो वह न सिर्फ गंभीर बीमारियों से बचेगा, बल्कि आर्थिक नुकसान से भी सुरक्षित रहेगा।
सुभाष चंद्र प्रसाद की निजी पहल और सामाजिक सरोकार की चर्चा
इस पूरे आयोजन के केंद्र में देवरिया गांव का वह बहुउद्देशीय हाल है, जिसकी स्थापना के पीछे एक प्रेरणादायी कहानी है। असल में, भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत 'नेहरू युवा केंद्र संगठन' में एपीएस (APS) के पद से सेवानिवृत्त हुए सुभाष चंद्र प्रसाद ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा का बीड़ा उठाया। उन्होंने अपने निजी वित्तीय संसाधनों का उपयोग कर इस भव्य 'बाबा शिवदत्त बहुउद्देशीय हाल' का निर्माण कराया है। वर्तमान में इस केंद्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण और स्वास्थ्य के लिए नियमित योग प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह मुफ्त संचालित किए जा रहे हैं। सुभाष चंद्र प्रसाद ने बताया कि भविष्य में इस केंद्र को एक बड़े जन-जागरूकता हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से केंद्र व राज्य सरकार की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे गरीब ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी ताकि पात्र लोगों को उनका हक मिल सके। ग्रामीणों ने इस जनहितकारी और नि:स्वार्थ पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
