वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत वाराणसी में एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण) की टीम ने ...
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत वाराणसी में एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने बिजली विभाग के एक घूसखोर जूनियर इंजीनियर (जेई) सुखदेव रस्तोगी को एक उपभोक्ता से बिजली का नया कनेक्शन देने के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस और एंटी करप्शन की इस अचानक हुई छापेमारी से बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी करने के बाद टीम आरोपी जेई को कड़े पहरे में पूछताछ और विधिक कार्रवाई के लिए कैंट थाने लेकर पहुंची।
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| Purvanchal Samachar |
जानकारी के अनुसार, वाराणसी के बिजली विभाग में तैनात जेई सुखदेव रस्तोगी ने क्षेत्र के एक उपभोक्ता से नया बिजली कनेक्शन जारी करने के नाम पर मोटी रकम की मांग की थी। उपभोक्ता द्वारा बार-बार अनुनय-विनय करने के बाद भी जब जेई बिना रिश्वत के काम करने को तैयार नहीं हुआ, तो पीड़ित उपभोक्ता ने इसकी लिखित शिकायत एंटी करप्शन संगठन के उच्चाधिकारियों से कर दी। मुख्यालय के निर्देश पर एंटी करप्शन की गोपनीय टीम ने पहले शिकायत की सत्यता का पूरी तरह भौतिक सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर आरोपी जेई को जाल में फंसाने के लिए एक बेहद योजनाबद्ध तरीके से जाल (ट्रैप) बिछाया।
अनौला में घूस लेते ही विजिलेंस टीम ने दबोचा
एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित उपभोक्ता की प्रामाणिक शिकायत के आधार पर यह ट्रैप कार्रवाई की गई है। आरोपी जेई सुखदेव रस्तोगी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत और कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कैंट थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य बिजली उपकेंद्रों और सरकारी दफ्तरों में घूसखोर कर्मचारियों के बीच खलबली मची हुई है।
