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वाराणसी: कूरियर के जरिए चल रहा था अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क, ₹30 लाख का गांजा जब्त

वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त विंग ने महादेव की नगरी काशी में अंतररा...

वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त विंग ने महादेव की नगरी काशी में अंतरराज्यीय स्तर पर चल रहे एक बहुत बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. दोनों जांच एजेंसियों ने एक बेहद खुफिया और सटीक ज्वाइंट ऑपरेशन (संयुक्त कार्रवाई) चलाते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के एक मुख्य सक्रिय तस्कर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. सुरक्षा एजेंसियों ने कूरियर कंपनी के गोदाम से भारी मात्रा में 123 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है. नशे की यह भारी खेप रोहनिया थाना क्षेत्र में स्थित टीसीआई (TCI) एक्सप्रेस कूरियर सर्विस के गोदाम में छापेमारी के दौरान सिल्क साड़ियों के पैकेटों में छिपाकर रखी गई थी।

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पकड़े गए शातिर अभियुक्त की पहचान आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले काजीपुर गांव निवासी प्रेम चंद्र मौर्या के रूप में की गई है. एसटीएफ वाराणसी इकाई को पिछले काफी समय से यह इनपुट मिल रहे थे कि असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों से बड़े पैमाने पर कूरियर के माध्यम से गांजे की तस्करी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जा रही है. इस सूचना को पुख्ता करने के लिए निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की एक विशेष टीम लगातार ग्राउंड जीरो पर मुखबिरों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से सूचना संकलन में जुटी हुई थी. इसी दौरान एक सटीक मुखबिर ने सूचना दी कि असम से गांजे की एक बहुत बड़ी कंसाइनमेंट (खेप) फर्जी नाम-पते पर कूरियर के जरिए रोहनिया स्थित कूरियर हब में पहुंच चुकी है.


सिल्क साड़ियों की आड़ में कूरियर मैनेजर के साथ मिलकर खेल

प्राप्त सूचना के आधार पर रविवार को एसटीएफ और एनसीबी की संयुक्त टीम ने रोहनिया क्षेत्र के टीसीआई एक्सप्रेस कूरियर सर्विस के गोदाम पर अचानक धावा बोल दिया. जब गोदाम के भीतर रखे संदिग्ध पार्सलों की गहन तलाशी ली गई, तो जिन बड़े डिब्बों और पैकेटों के ऊपर व्यापारिक रूप से ‘सिल्क साड़ी’ लिखा हुआ था, उन्हें खोलने पर उनके अंदर भारी मात्रा में गांजा ठूंस-ठूंस कर भरा हुआ मिला. कूरियर कार्यालय में माल की डिलीवरी लेने पहुंचे मुख्य रिसीवर प्रेम चंद्र मौर्या को टीम ने मौके पर ही दबोच लिया।

कड़ाई से की गई पूछताछ में अभियुक्त प्रेम चंद्र मौर्या ने इस पूरे सिंडिकेट के काम करने के अनोखे तरीके का खुलासा किया. उसने बताया कि असम के उद्दालगुड़ी का रहने वाला मुख्य सप्लायर बबरू वर्मन वहां से गांजा उपलब्ध कराता था, जिसके बाद गुवाहाटी का रहने वाला बबलू नाम का शख्स माल को पूरी सुरक्षा के साथ सिल्क साड़ियों के पैकेट में पैक करता था और टीसीआई एक्सप्रेस कूरियर के माध्यम से उत्तर प्रदेश भेजता था. जांच में यह गंभीर बात भी सामने आई है कि गुवाहाटी स्थित कूरियर कंपनी का स्थानीय मैनेजर भी इस अवैध नेटवर्क में सीधे तौर पर शामिल था, जो फर्जी बुकिंग कराने में मदद करता था।


फर्जी नंबर बताकर उठाई जाती थी डिलीवरी, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट में केस दर्ज

तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और देवरिया के स्थानीय ड्रग पैडलर्स तक माल सुरक्षित पहुंचाने का एक फूलप्रूफ सिस्टम बना रखा था. इसके तहत कूरियर भेजने के लिए पूरी तरह फर्जी नाम, फर्जी पते और ‘सिल्क साड़ी’ के व्यापार की फर्जी रसीदें तैयार की जाती थीं. माल जब गंतव्य के गोदाम पर पहुंच जाता था, तो तस्कर वहां कूरियर कार्यालय में जाकर केवल रसीद पर दर्ज वह फर्जी नंबर क्लर्क को बताते थे और कूरियर हैंडओवर ले लेते थे. पूछताछ में पता चला है कि इस बरामद गांजे के लिए मुख्य आरोपी बबलू को ₹3,800 प्रति किलोग्राम की दर से ऑनलाइन पेमेंट (भुगतान) ट्रांसफर किया जाता था. एनसीबी (NCB) की वाराणसी विंग ने इस पूरे रैकेट के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की बेहद गंभीर और गैर-जमानती धारा 08, 20, 25, 27ए और 29 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है और नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।