google.com, pub-8818714921397710, DIRECT, f08c47fec0942fa0 बीएचयू: चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग पर ABVP का हंगामा - Purvanchal Samachar - Purvanchal samachar - पूर्वांचल समाचार

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बीएचयू: चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग पर ABVP का हंगामा - Purvanchal Samachar

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का माहौल बुधवार दोपहर एक बार फिर गरमा गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने वि...

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का माहौल बुधवार दोपहर एक बार फिर गरमा गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने की मांग को लेकर केंद्रीय कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन और हंगामा किया। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

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केंद्रीय कार्यालय पर धरना, सुरक्षाकर्मियों से झड़प के बाद पुलिस तैनात


प्रदर्शनकारी छात्र दोपहर में लामबंद होकर विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप था कि चीफ प्रॉक्टर की कार्यशैली पूरी तरह छात्र विरोधी और दमनकारी है, जिससे आम छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

कार्यालय में प्रवेश को लेकर जब सुरक्षाकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और तीखी झड़प शुरू हो गई। परिसर में तनाव बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और छात्रों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, हालांकि कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे।



"छात्र समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं": एबीवीपी


एबीवीपी नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परिसर में छात्रों की मूलभूत समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में भय का वातावरण बनाया जा रहा है और छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय दबाया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं ने साफ चेतावनी दी कि जब तक वर्तमान चीफ प्रॉक्टर को हटाकर किसी निष्पक्ष व्यक्ति को जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाती, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम और हंगामे को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।