लखनऊ: मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखन...
लखनऊ: मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में एक उच्चस्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस समेत समूचे विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की नियमित विधिक प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल बेवजह हाय-तौबा मचा रहे हैं और देश की स्वायत्त संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर भारत की साख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं।
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| Purvanchal Samachar |
"जीतें तो पुरुषार्थ, हारें तो ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के दोहरे चरित्र पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां जब कहीं चुनाव जीत जाती हैं तो उसे अपना 'पुरुषार्थ' और 'रणनीति' बताती हैं। लेकिन जब अपनी अराजकता, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और घटिया नीतियों के चलते जनता उन्हें सिरे से खारिज कर देती है, तो वे अपनी पराजय का ठीकरा चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर फोड़ने लगती हैं। सीएम ने कहा कि इन दलों को अपने गैर-जिम्मेदाराना रवैये और बचकाने बयानों पर आत्मचिंतन करना चाहिए। लोकतंत्र में दुष्प्रचार, तोड़फोड़ और हिंसा के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है।
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश: 1952 से हो रहा है SIR
विपक्ष द्वारा एसआईआर (SIR) को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक तथ्यों को सामने रखा:
- पहली बार नहीं हुआ SIR: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण का यह कार्य कोई नया नहीं है। देश में वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी SIR कराया जा चुका है।
- सुप्रीम कोर्ट की मुहर: सीएम ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे कि जो भी पात्र मतदाता छूट गए हैं, उन्हें फॉर्म-6 भरने की पूरी आजादी है। देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने भी निर्वाचन आयोग की इस वैधानिक कार्रवाई को पूरी तरह वैध और सही ठहराया है।
सीएम ने सीधे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली पार्टी आज राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने का षड्यंत्र रच रही है।
