गाजीपुर: जनपद गाजीपुर के लंका स्थित भारद्वाज भवन में रविवार दोपहर उत्तर प्रदेश किसान सभा जिला काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बै...
गाजीपुर: जनपद गाजीपुर के लंका स्थित भारद्वाज भवन में रविवार दोपहर उत्तर प्रदेश किसान सभा जिला काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण गरीबों से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर गहन मंथन किया गया। किसान नेताओं ने सरकार की नीतियों पर रोष व्यक्त करते हुए अपने हकों की बहाली के लिए आर-पार के आंदोलन की घोषणा की है।
![]() |
| Purvanchal Samachar |
बाढ़ पीड़ितों को पूरा मुआवजा और स्थायी समाधान दे सरकार: राजेंद्र यादव
बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने कहा कि गंगा और कर्मनाशा नदी में आई भीषण बाढ़ से गाजीपुर सहित पूरे पूर्वांचल के हजारों किसान तबाह हो चुके हैं। फसलें जलमग्न होने से अन्नदाता भुखमरी की कगार पर है। उन्होंने मांग की कि सरकार सभी बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल क्षति का शत-प्रतिशत मुआवजा तत्काल दे तथा बाढ़ की विभीषिका से बचाव के लिए स्थायी नियंत्रण व्यवस्था स्थापित करे।
C2+50% फॉर्मूले पर MSP की कानूनी गारंटी व 7 अक्टूबर को लखनऊ मार्च
किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज बेग ने कहा कि किसान लंबे समय से लगातार घाटे का शिकार हो रहे हैं। संगठन ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों (C2+50 प्रतिशत फॉर्मूला) के आधार पर फसलों के लाभकारी मूल्य की कानूनी गारंटी मांगी:
- गेहूं: ₹4,762 प्रति क्विंटल
- धान: ₹4,508 प्रति क्विंटल
- गन्ना: ₹736 प्रति क्विंटल
- आलू: ₹1,700 प्रति क्विंटल की एमएसपी और सरकारी खरीद की गारंटी
इम्तियाज बेग ने ऐलान किया कि इन मांगों को लेकर आगामी 7 अक्टूबर को सुबह 11 बजे लखनऊ स्थित विधानसभा तक विशाल मार्च निकाला जाएगा, जिसमें गाजीपुर से हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण गरीब लखनऊ कूच करेंगे।
कर्ज-बिजली बिल माफी और ₹10,000 मासिक पेंशन की उठाई मांग
- किसानों व मजदूरों के संपूर्ण कृषि कर्ज और बिजली बिल माफ किए जाएं।
- 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके किसानों, मजदूरों, बुनकरों व दस्तकारों को ₹10,000 मासिक पेंशन दी जाए।
- क्षेत्र की बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः संचालित किया जाए और सिंचाई तंत्र दुरुस्त हो।
- बटाईदार व पेसकी किसानों को भी आपदा राहत सूची में शामिल कर मुआवजा दिया जाए।
- निजी स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों की मनमानी फीस वसूली पर रोक लगे तथा तालाबों का पट्टा केवल पारंपरिक मल्लाह समुदाय को दिया जाए।
बैठक में जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, जिला सचिव राजदेव यादव और प्रेमनारायण पांडेय सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे।
