मऊ: जनपद मऊ में शनिवार सुबह यात्रियों से भरी बस को सीज कर सवारियों के लिए वैकल्पिक प्रबंध न करना यातायात प्रभारी (टीआई) श्याम शंकर पांडेय को...
मऊ: जनपद मऊ में शनिवार सुबह यात्रियों से भरी बस को सीज कर सवारियों के लिए वैकल्पिक प्रबंध न करना यातायात प्रभारी (टीआई) श्याम शंकर पांडेय को भारी पड़ गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्र ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यातायात प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। आरोप है कि बस में सवार बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को बीच रास्ते में लावारिस छोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया।
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| Purvanchal Samachar |
लखनऊ जा रही थी बस, वैकल्पिक व्यवस्था न होने से भड़के यात्री
अधिकारियों के अनुसार शहर के भीटी क्षेत्र से संचालित 'आदित्य ग्रुप' द्वारा अनाधिकृत और अवैध रूप से बसों का संचालन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
पुष्टि होने पर यातायात प्रभारी श्याम शंकर पांडेय ने शनिवार की सुबह लखनऊ के लिए रवाना हो रही एक निजी बस को रोककर सीज कर दिया। लेकिन बस में सवार यात्रियों और बस संचालक ने आरोप लगाया कि बस में कई वृद्ध और छोटे बच्चे मौजूद थे। बिना किसी दूसरी बस या वाहन का इंतजाम किए बस को सीज कर दिया गया, जिससे यात्री सड़कों पर भटकने को मजबूर हो गए। यात्रियों के वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, सीओ सिटी को सौंपी गई विस्तृत जांच
परिवहन और पुलिस नियमावली के अनुसार, यदि यात्रियों से भरी किसी व्यावसायिक बस को सीज किया जाता है, तो उसमें सवार यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित भेजने के लिए वैकल्पिक वाहन का प्रबंध कराना संबंधित अधिकारी की अनिवार्य जिम्मेदारी होती है।
यातायात प्रभारी द्वारा इस नियम की खुली अनदेखी करने से मौके पर आम नागरिकों का आक्रोश भड़क उठा और पुलिस विभाग की साख पर प्रतिकूल असर पड़ा। एसपी सर्वेश कुमार मिश्र ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए टीआई को पुलिस लाइन भेज दिया है और समूचे प्रकरण की निष्पक्ष जांच क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) को सौंपते हुए जल्द रिपोर्ट तलब की है।
