वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय 'काशी साहित्य कला उत्सव' (बनारस लिट फेस्ट) का समापन हंगामे और अव्यव...
![]() |
| Purvanchal Samachar |
भारी भीड़ और खराब मैनेजमेंट की वजह से कई लोग चोटिल हो गए और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
क्षमता से अधिक आमंत्रण बना मुसीबत का सबब
सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम के आयोजकों और प्रायोजकों ने क्षमता से कहीं ज्यादा लोगों को आमंत्रित कर लिया था। पीयूष मिश्रा को सुनने के लिए हजारों की संख्या में युवा और साहित्य प्रेमी ताज होटल पहुंच गए। जब हॉल पूरी तरह भर गया, तो सुरक्षा कारणों से होटल के दोनों गेट बंद कर दिए गए। बाहर खड़े जिन लोगों के पास पास (Pass) थे, उन्होंने भीतर जाने के लिए हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस और जनता के बीच तीखी नोकझोंक
गेट बंद होने से नाराज लोगों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले लाउडस्पीकर से लोगों को शांत करने और वहां से हटने की अपील की, लेकिन भीड़ बेकाबू होती रही। स्थिति को संभालने के लिए सिपाहियों ने भीड़ को पीछे धकेला, जिससे वहां भगदड़ मच गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने कुछ लोगों पर हाथ भी उठाया और धक्के देकर बाहर निकाला।
