वाराणसी (ब्यूरो)। धर्मनगरी के लंका थाना क्षेत्र अंतर्गत नगवा इलाके में चल रहे देह व्यापार के काले कारोबार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसओ...
वाराणसी (ब्यूरो)। धर्मनगरी के लंका थाना क्षेत्र अंतर्गत नगवा इलाके में चल रहे देह व्यापार के काले कारोबार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसओजी-2 और लंका पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 'रेनबो गेस्ट हाउस' से तीन महिलाओं और दो दलालों समेत कुल आठ लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, नकद और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
![]() |
| पूर्वांचल समाचार |
SOG-2 की सटीक दबिश: सिंडिकेट का खुलासा
पुलिस को पिछले कई दिनों से रेनबो गेस्ट हाउस में अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। पुख्ता जानकारी के बाद जब टीम ने दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। गिरफ्तार किए गए लोगों में भवन स्वामी अनिल पांडे, होटल मैनेजर सुनील कुमार, और दो मुख्य ब्रोकर—मुगलसराय का मोहम्मद जफर व आजमगढ़ का राजू यादव शामिल हैं। इसके अलावा सारनाथ का जितेंद्र कुमार बतौर ग्राहक मौके से पकड़ा गया।
बंगाल और लखनऊ से बुलाई गई थीं युवतियां
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस धंधे के तार दूसरे राज्यों से जुड़े हैं। पकड़ी गई तीन महिलाओं में से दो पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं, जबकि एक लखनऊ की है, जो महज तीन दिन पहले ही वाराणसी बुलाई गई थी। दलाल मोहम्मद जफर और राजू यादव का काम बाहरी शहरों से लड़कियां बुलाना और ग्राहकों को गेस्ट हाउस तक लाना था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
संपादकीय टिप्पणी
काशी के हृदय स्थल और घाटों के करीब स्थित गेस्ट हाउसों में इस तरह का संगठित अपराध पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगाता है। यह पहली बार नहीं है जब किसी गेस्ट हाउस में 'शॉर्ट स्टे' के नाम पर जिस्मफरोशी का धंधा फल-फूल रहा हो। हालांकि, एसओजी-2 की यह कार्रवाई उन संचालकों के लिए बड़ी चेतावनी है जो चंद पैसों के लिए अपने प्रतिष्ठानों को अपराध का अड्डा बना रहे हैं। लंका पुलिस द्वारा दर्ज किया गया मुकदमा अब इस नेटवर्क की गहराई तक जाने की कोशिश करेगा।
