संभल। जनपद के मुबारकपुर बंद गांव में प्रशासन का 'पीला पंजा' एक बार फिर पूरी ताकत के साथ गरजा। करीब 12 दिनों के इंतजार के बाद, भारी स...
संभल। जनपद के मुबारकपुर बंद गांव में प्रशासन का 'पीला पंजा' एक बार फिर पूरी ताकत के साथ गरजा। करीब 12 दिनों के इंतजार के बाद, भारी सुरक्षा घेरे के बीच दोपहर डेढ़ बजे मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार को ढहा दिया गया। मीनार गिराने के लिए प्रशासन ने इस बार दो हाइड्रा मशीनों का सहारा लिया। इससे पहले सुबह साढ़े 9 बजे से ही मस्जिद परिसर से सटी पांच दुकानों के अवशेषों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। मौके पर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई खुद मोर्चा संभाले रहे।
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| Purvanchal Samachar |
30 साल पुराना कब्जा और खेल मैदान की जमीन
पूरा मामला राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खेल मैदान की जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि करीब 30 साल पहले इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा शुरू हुआ था, जहाँ 5 साल पहले मस्जिद और मदरसे का निर्माण कर दिया गया। इसी परिसर में पांच दुकानें और आठ मकान भी अवैध रूप से खड़े कर दिए गए थे। हैरानी की बात यह है कि इसी खसरा नंबर पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी संचालित हैं। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को ही नोटिस जारी कर दिया था।
जब बुलडोजर चालक ने खड़े कर दिए थे हाथ
गौरतलब है कि 5 अप्रैल को हुई पिछली कार्रवाई के दौरान मदरसा और मस्जिद का गेट तो ढहा दिया गया था, लेकिन 35 फीट ऊंची मीनार को तोड़ने से बुलडोजर चालक ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मना कर दिया था। आज प्रशासन ने विशेष रणनीति के तहत रस्सी और मशीनों के जरिए मीनार को खिंचवाकर सुरक्षित तरीके से गिराया। गांव वालों की भीड़ और विरोध की आशंका को देखते हुए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाल रखा था।
