लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार जारी मूसलाधार बारिश और प्रतिकूल मौसम के मिजाज को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार जारी मूसलाधार बारिश और प्रतिकूल मौसम के मिजाज को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के अनुपालन में राज्य भर के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी लगातार निगरानी बनाए हुए है। राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने के लिए राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को सभी प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरने और प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, डीएम खुद उतरें मैदान में
राहत आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और आधिकारिक निर्देशों के माध्यम से स्पष्ट किया कि हर विषम परिस्थिति में आम नागरिकों के जान-माल और मवेशियों की सुरक्षा जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जलभराव, मकान गिरने या आकाशीय बिजली से प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुमन्य वित्तीय व खाद्यान्न सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
नेपाल में भारी बारिश: पूर्वी यूपी व सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा
नेपाल के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश के मद्देनजर पूर्वी उत्तर प्रदेश और सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं।
नदियों की निगरानी: घाघरा, राप्ती, गंडक और सरयू जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेज वृद्धि की आशंका को देखते हुए 24 घंटे जलस्तर पर नजर रखने को कहा गया है।
रेस्क्यू टीमें अलर्ट: एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और पीएसी की बाढ़ राहत एवं बचाव टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बोट्स और लाइफ जैकेट के साथ अलर्ट मोड पर रखा गया है।
राहत आयुक्त ने आम जनता से अपील की है कि अति आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें, जर्जर इमारतों व बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। किसी भी प्रकार की आपदा, जलभराव या आपातकालीन स्थिति में तत्काल सरकारी सहायता के लिए राज्य स्तरीय राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
