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Varanasi News: चितईपुर के विश्वकर्मा नगर में जलभराव से हाहाकार, सड़क पर उतरे लोग

वाराणसी:  जनपद के चितईपुर क्षेत्र स्थित विश्वकर्मा नगर कॉलोनी में नारकीय जीवन जी रहे स्थानीय नागरिकों का धैर्य रविवार को जवाब दे गया। सीवर ओ...

वाराणसी: जनपद के चितईपुर क्षेत्र स्थित विश्वकर्मा नगर कॉलोनी में नारकीय जीवन जी रहे स्थानीय नागरिकों का धैर्य रविवार को जवाब दे गया। सीवर ओवरफ्लो और भीषण जलभराव की समस्या से त्रस्त कॉलोनीवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। क्षेत्रीय नागरिकों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर जोरदार विरोध मार्च निकाला और नगर निगम व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शनकारियों का साफ आरोप है कि पिछले 10 वर्षों से वे इस दुर्गंध और गंदगी को झेल रहे हैं और बीते पांच सालों से लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से केवल कोरे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।


गलियों में डेढ़ फीट तक हरा-काला गंदा पानी, मच्छरों का आतंक


स्थानीय नागरिकों के अनुसार, स्थिति अब पूरी तरह असहनीय हो चुकी है। बारिश के दिनों में तो हालात बदतर होते ही हैं, लेकिन बिना बारिश के भी नालियां चोक रहने के कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है।


कॉलोनी की कई गलियों में एक से डेढ़ फीट तक सड़ांध मारता हरा-काला सीवर का पानी जमा है। इस दूषित जलभराव के चलते क्षेत्र में मच्छरों की भरमार हो गई है, जिससे संक्रामक बीमारियों, डेंगू और मलेरिया का प्रकोप फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।



कॉलोनी निवासी उमेश सिंह ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:

"हमारी कॉलोनी में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और पेंशनर्स रहते हैं। जलभराव के चलते बुजुर्गों और बच्चों का घरों से बाहर कदम रखना तक दूभर हो गया है। लोग आए दिन इस गंदे पानी में फिसलकर गिर रहे हैं। स्थिति यह है कि किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल ले जाना चुनौती बन जाता है। बच्चों को स्कूल भेजने और दैनिक राशन-दवा लाने के लिए भी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।"

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि 1 सप्ताह में समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो, आंदोलन के बाध्य होंगे।