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Varanasi News: संस्कृति संसद में बोले चंपत राय: 'विदेशी ताकतें युवाओं को भड़का रहीं, इतिहास जानें'

Varanasi News: वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय 'संस्कृति संसद' के दूसरे दिन देश के ज...

Varanasi News: वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय 'संस्कृति संसद' के दूसरे दिन देश के ज्वलंत सांस्कृतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने औपनिवेशिक इतिहास और वर्तमान वैचारिक चुनौतियों पर बेबाक विचार रखे। उन्होंने कहा कि पुर्तगालियों ने गोवा में बड़े पैमाने पर अमानवीय अत्याचार किए थे, जिसके वास्तविक इतिहास को समझने के लिए हर नागरिक को 'गोवा इनक्विजिशन' पुस्तक का अध्ययन अवश्य करना चाहिए।

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"युवाओं को गुमराह कर सड़कों पर उतार रहीं विदेशी ताकतें": चंपत राय


सभा को संबोधित करते हुए चंपत राय ने आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक चेतना को लेकर बड़ा बयान दिया।

उन्होंने स्पष्ट रूप से आगाह किया कि कुछ राष्ट्रविरोधी विदेशी ताकतें भारतीय युवाओं को भ्रामक प्रचार के जरिए गुमराह कर रही हैं और सुनियोजित तरीके से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करवा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी विभाजनकारी ताकतों से बचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। चंपत राय ने जोर देकर कहा कि समाज में सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करने, राष्ट्रीय एकता को अक्षुण्ण बनाए रखने और सनातन पर्वों व त्योहारों के प्रति युवाओं की घटती रुचि को पुनर्जीवित करने में संत समाज अग्रणी भूमिका निभा सकता है।


लंदन से मनुस्मृति की मूल पांडुलिपि भारत लाने की मांग: काशी विद्वत परिषद


संस्कृति संसद के मंच से काशी विद्वत परिषद ने ऐतिहासिक और शास्त्र सम्मत शोध से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण मांग उठाई।

परिषद के महामंत्री प्रो. राम नारायण द्विवेदी ने कहा कि लंदन के संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई मनुस्मृति की मूल पांडुलिपि को भारत वापस लाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मूल पांडुलिपि प्राप्त होने के बाद वर्तमान में प्रचलित प्रतियों से उसका पंक्ति-दर-पंक्ति मिलान किया जाएगा।