भारत की आध्यात्मिक संस्कृति में माँ सरस्वती (माँ शारदे) ज्ञान, बुद्धि, विद्या और संगीत की देवी मानी जाती हैं। विद्यार्थियों, विद्वानों, कलाक...
भारत की आध्यात्मिक संस्कृति में माँ सरस्वती (माँ शारदे) ज्ञान, बुद्धि, विद्या और संगीत की देवी मानी जाती हैं। विद्यार्थियों, विद्वानों, कलाकारों और संगीतकारों के लिए माँ शारदे की स्तुति का विशेष महत्व है।
इन्हीं प्रार्थनाओं में से एक है —
“माँ शारदे कहा तू बिना बजा रही है प्रार्थना”
जो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से खोजी जा रही है, खासकर PDF डाउनलोड के रूप में।
![]() |
| Maa sharde kaha tu veena baja rahi hai lyrics |
इस लेख में हम जानेंगे:
- इस प्रार्थना का अर्थ
- इसका आध्यात्मिक महत्व
- इसे कब और कैसे पढ़ना चाहिए
- और PDF डाउनलोड से जुड़ी पूरी जानकारी
Maa sharde kaha tu veena baja rahi hai lyrics
सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी,
विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा।
माँ शारदे कहाँ तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं ॥
किस भाव में भवानी,
तू मग्न हो रही है,
विनती नहीं हमारी,
क्यों माँ तू सुन रही है ।
हम दीन बाल कब से,
विनती सुना रहें हैं,
चरणों में तेरे माता,
हम सर झुका रहे हैं ।
॥ मां शारदे कहाँ तू, वीणा...॥
अज्ञान तुम हमारा,
माँ शीघ्र दूर कर दो,
द्रुत ज्ञान शुभ्र हम में,
माँ शारदे तू भर दे ।
बालक सभी जगत के,
सूत मात हैं तुम्हारे,
प्राणों से प्रिय है हम,
तेरे पुत्र सब दुलारे,
तेरे पुत्र सब दुलारे ।
॥ मां शारदे कहाँ तू, वीणा...॥
हमको दयामयी तू,
ले गोद में पढ़ाओ,
अमृत जगत का हमको,
माँ ज्ञान का पिलाओ ।
मातेश्वरी तू सुन ले,
सुंदर विनय हमारी,
करके दया तू हर ले,
बाधा जगत की सारी ।
॥ मां शारदे कहाँ तू, वीणा...॥
माँ शारदे कहा तू बिना बजा रही है प्रार्थना का भावार्थ
इस प्रार्थना में भक्त माँ शारदे से विनम्र आग्रह करता है कि वह जीवन-पथ पर आगे बढ़ने के लिए ज्ञान का प्रकाश प्रदान करें।
प्रार्थना का सार यह है कि:
- जीवन में आने वाले अंधकार को ज्ञान से दूर किया जाए,
- मन में एकाग्रता आए,
- और साधक पढ़ाई, संगीत, कला या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र में सफलता पाए।
यह प्रार्थना न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह विद्यार्थियों में मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी बढ़ाती है।
इस प्रार्थना का आध्यात्मिक महत्व
1. एकाग्रता बढ़ाती है – पढ़ाई या कला-साधना से पहले पढ़ने से मन शांत होता है।
2. नकारात्मकता दूर करती है – शब्दों में सकारात्मक कंपन (Positive Vibrations) होते हैं।
3. विद्या की कृपा – देवी सरस्वती की कृपा से बुद्धि में तेज और ज्ञान में वृद्धि होती है।
4. आत्मविश्वास बढ़ाती है – चिंता और भ्रम को दूर कर मनोबल बढ़ाती है।
इस प्रार्थना को कब पढ़ना चाहिए?
- सुबह स्नान के बाद
- पढाई शुरू करने से पहले
- परीक्षा के समय
- संगीत, कला या लेखन के अभ्यास से पहले
- किसी भी शुभ कार्य से पहले
PDF डाउनलोड क्यों खोजा जाता है?
आजकल विद्यार्थी और भक्त इस प्रार्थना को:
- मोबाइल में सेव करने
- प्रिंट निकालकर रोज पढ़ने
- मंदिर या पढ़ाई की जगह चिपकाने
- स्कूल/कोचिंग में उपयोग करने
- के लिए PDF फॉर्म में चाहते हैं।
इसलिए यह कीवर्ड Google Trends पर लगातार बढ़ रहा है।
माँ शारदे कहा तू बिना बजा रही है प्रार्थना PDF डाउनलोड
आप इस प्रार्थना को आसानी से PDF फॉर्म में डाउनलोड कर सकते हैं।
(PDF) Click Here
प्रार्थना पढ़ने के नियम (सरल तरीके)
- साफ स्थान में बैठें
- दीपक या अगरबत्ती जलाएं (वैकल्पिक)
- मन को शांत करें
- प्रार्थना धीरे-धीरे, श्रद्धा से पढ़ें
- अंत में हाथ जोड़कर नमन करें
निष्कर्ष
“माँ शारदे कहा तू बिना बजा रही है प्रार्थना” केवल एक भक्ति गीत या श्लोक नहीं है, बल्कि ज्ञान, कला और सफलता का मार्ग दिखाने वाली एक आध्यात्मिक साधना है।
PDF में इसे रखने से आप इसे कहीं भी, कभी भी पढ़ सकते हैं और देवी सरस्वती की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
